6. Vairagya Shatak | वैराग्य शतक

6. Vairagya Shatak | वैराग्य शतक

6. Vairagya Shatak | वैराग्य शतक

दिवस – निसा – घडिमालं ,

आउं सलिलं जियाण घेत्तूणं ।

चंदाइच्चबइल्ला ,

कालऽरहट्टं भमाडंति ॥६ ॥

: अर्थ :

चन्द्र और सूर्य रुपी बैलों से जीवों के आयुष्य रुपी जल को दिन और रात रुपी घट में ग्रहण कर काल रुपी अरहट जीव को घुमाता है ॥6 ॥

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