रात में सात भय से मुक्त होने के लिए सात नवकार रात्रि प्रार्थना | Raat me Saat Bhay se Mukt Hone ke liye Saat Navkaar Ratri Prathana

रात में सात भय से मुक्त होने के लिए सात नवकार रात्रि प्रार्थना | Raat me Saat Bhay se Mukt Hone ke liye Saat Navkaar Ratri Prathana

 रात में सात भय से मुक्त होने के लिए सात नवकार रात्रि प्रार्थना |

 Raat me Saat Bhay se Mukt Hone ke liye Saat Navkaar Ratri Prathana

 

अरिहंतो मह देवो जावज्जीवं सुसाहुणो गुरुणो ।
जिणपण्णतं तत्तं इअ सम्मत्तं मए गहियं ॥
चत्तारि मंगलं अरिहंता मंगलं सिद्धा मंगलं.
साह मंगल केवली पन्नत्तो धम्मो मंगलं ।
चत्तारिलो गुत्तमा
अरिहंता
लो गुत्तमा
सिद्धा
लोगुत्तमा
साहु
लोगुत्तमा,
के वली पन्नत्तो, धम्मो लोगुत्तमो ।
चत्तारि सरणं पवज्जामि, अरिहंते शरणं पवज्जामि ।
सिद्धे सरणं पवज्जामि, साहू सरणं पवज्जामि,
के वलीपन्नत्तं, धम्म सरणं पवज्जामि ॥
एगोऽहं नत्थि में कोई, नाहमन्नस्स कस्सइ ।
एवमदीनमणुसो, अप्पाणमणु सासइ ॥
अनायासेन मरणं विना दैन्ये न जीवनम् ।
देहान्ते तव सान्निध्यं देहि में परमेश्वर ।।

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