🙏🙏जिनशासन के शणगार 🙏🙏 हमारे ये अणगार 🙏🙏

🙏🙏जिनशासन के शणगार 🙏🙏 हमारे ये अणगार 🙏🙏

🙏🙏जिनशासन के शणगार 🙏🙏 हमारे ये अणगार 🙏🙏

🙏🏻🙏🏻 *धन्य हो जिनशासन* | *धन्य हो मुनिवरा* |🙏🏻🙏🏻

*चातुर्मास पूर्ण होके आठ महिने हो चुके हैं।*

*हमारे साधु – साध्वी भगवंतो का विहार चल रहा है*।👣👣

*बस अब कुछ ही दिनो मे सारे साधु – साध्वी अपने अपने चातुर्मास की जगह पहुँच जाएगे*।🏛️🏛️

🙏🙏*ऐसे ही विहार करते हुए एक दिन हमारे गांव में पंजाब केसरी वल्लभ सूरी समुदाय के गच्छाधिपति परम पूज्य आचार्य श्री नित्यानंद सूरीश्वरजी महाराज साहेबजी के शिष्य जैनसाइट के प्रणेता मुनिराज श्री भाग्यचंद्र विजयजी महाराज साहेब का पदार्पण हुआ*🙏🙏

*चेन्नई से विहार करके पालीताणा गये.. फिर वहा से विहार करते हुए फिर से चेन्नई की और जा रहे हैं…*👣👣

*दिन के 25 – 30 किलोमीटर विहार करते हैं..*👣👣

*जब मुनि भगवंत तुमकुर पधारे..*

*तब लंबे विहार करके आने के बाद भी आराम किए बिना मुनि भाग्यचंद्र विजयजी ने सुबह 9.30 बजे भक्तो के लिए प्रवचन दिया*..

*खूब ही सुंदर एवं आसानी से श्रोताओं को सुख एवं दुख की परिभाषा समझाई*…

*सुख की प्राप्ति पुण्य से होती है*
*दुख की अनुभूति पाप से होती है*

*बहूत ही सरल शब्दों में प्रवचन दिया* *ताकि सब को समझ में आ सके*

🙏🏻🙏🏻 *धन्य है मुनिवरा* 🙏🏻🙏🏻
*धन्य है उनके त्याग एवं*
*संयम जीवन को*🙏🙏🙏

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