Jain Vidhi

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Navpad oli ka 4th din

Navpad oli ka 4th din

श्री नवपद ओली का चतुर्थ दिवस, उपाध्याय भगवन् की आराधना… . श्री नवपद शाश्वत ओली आराधना… चतुर्थ दिवस : उपाध्याय भ° की आराधना… उपाध्याय भगवंत की आराधना को प्राणवंती बनाने के लिए उनका संक्षिप्त परिचय… उपाध्याय भगवंत 25 गुण के धारक : ग्यारह अंग चौदह पूर्व के, बारह उपांग, चरणसित्तरी,…

Navpad oli ka dusra din

Navpad oli ka dusra din

श्री नवपद ओली का द्वित्तीय दिवस, सिद्ध भगवन की आराधना… . श्री नवपद। शाश्वती। ओली आराधना… द्वित्तीय दिवस : सिद्ध प्रभु की आराधना… सिद्ध की आराधना को प्राणवंती बनाने के लिए सिद्ध का संक्षिप्त परिचय… सिद्धशिला नी उपरे होजो मुज वास श्रीकार… आत्मा 8 अष्ट कर्मों से मुक्त होने पर…

Navpad oli no tritya divas

Navpad oli no tritya divas

श्री नवपद शाश्वत ओली आराधना … तृतीय दिवस : आचार्य पद की आराधना… आचार्य पद की आराधना को प्राणवंती बनाने के लिए आचार्य का संक्षिप्त परिचय… आचार्य भगवंत का महत्व जिनशासन में विशेष है, देव तत्व यानि भगवंत की उपस्थिति का समय अति अल्प है, जैसे पच्चास लाख करोड़ सागरोपम…

Pehla din Arihant ki mahima

Pehla din Arihant ki mahima

जैन जगत में नवपद की महिमा अपरंपार है ! नवपद : १.अरिहंत २. सिद्ध ३. आचार्य ४.उपाध्याय ५.साधु ६.दर्शन ७. ज्ञान ८. चारित्र ९. तप !! यह आराधना वर्ष में दो बार आयंबिल तप के द्वारा की जाती है ! १. चैत्र सुदी ७ से १५ ( पूनम ) २.…

Navpad oli ki vidhi

Navpad oli ki vidhi

श्री नवपद ओली आराधना…. तप एवं क्रिया की विस्तृत जानकारी…. अनंत उपकारी भगवान् महावीर की देशना अनुसार नवपद ओली आराधना आत्मकल्याण का सर्वोत्कृष्ट साधन है। पञ्चपरमेष्ठी (5) सम्यग् दर्शन, ज्ञान, चारित्र (3) एवं तप (1) कुल 9 जिनशासन के 9 रत्नों की यह आराधना है। एक एक रत्न के जितने…